नोटिस और पोल
हर निवासी को एक बार में बताइए।
नोटिस वहाँ डालिए जहाँ हर निवासी उन्हें ढूँढ सके, फ़ैसलों पर पोल चलाइए, शिकायतें आख़िर तक देखिए, और मिनट्स व डॉक्यूमेंट एक रजिस्टर में रखिए।

आज जानकारी कैसे पहुँचती है
- ज़रूरी नोटिस भरे हुए WhatsApp ग्रुप में ऊपर खिसक जाते हैं।
- फ़ैसला उसी का, जो ग्रुप में पहले जवाब दे।
- AGM मिनट्स किसी के ईमेल में पड़े रहते हैं।
यह कैसे काम करता है
- 1
नोटिस डालिए
कमेटी एक बार डालती है; निवासी ऐप में देखते हैं।
- 2
पोल चलाइए
निवासियों से सवाल पूछिए और देखिए वे कैसे वोट करते हैं।
- 3
शिकायतें संभालिए
निवासी शिकायत करते हैं और ठीक होने तक देखते हैं। खुली शिकायतें सेक्रेटरी को सबसे ऊपर दिखती हैं।
- 4
रिकॉर्ड रखिए
AGM मिनट्स, कॉन्ट्रैक्ट और ऑडिट रिपोर्ट अपलोड कीजिए, और तय कीजिए कि हर एक को कौन देख सकता है।

क्या बदलता है
ग्रुप में कुछ नहीं खोता
नोटिस वहीं रहते हैं जहाँ निवासी उन्हें ढूँढ सकें।
फ़ैसले रिकॉर्ड में
बाद में कोई पूछे, तो पोल का नतीजा मौजूद है।
शिकायतें गायब नहीं होतीं
खुली शिकायतें बंद होने तक दिखती रहती हैं।
आम सवाल
क्या हमें अब भी WhatsApp ग्रुप चाहिए?
रोज़ की बातचीत के लिए रख सकते हैं। नोटिस, पोल और रिकॉर्ड Neutrax में रहते हैं, ताकि खोएँ नहीं।
नोटिस कौन डाल सकता है?
सेक्रेटरी और कमेटी मेंबर।
अपनी सोसाइटी की जानकारी के साथ Neutrax देखिए।
अपनी सोसाइटी के बारे में थोड़ा बताइए, हम आपकी कमेटी के लिए छोटा-सा डेमो तैयार करेंगे।


